भाप
वे बोलते थे
और शब्द नहीं भाप निकलती थी जुबान से
भाप के शब्द भाप का इंजन बनाते
उड़ते थे हवा में
छुक-छुक करती रेलगाडिया चलती थी
पीछे पीछे
हैरान थे रेलमंत्री
लोगों ने अपनी अपनी भाप से
अपनी अपनी गाड़ियां तैयार कर ली थीं
और चले ही जा रहे थे उन पर सवार
ऐलान था उनका
जिनके मूह से शब्द नहीं भाप निकलती है
सब के सब देशद्रोही हैं
हरप्रीत कौर
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